बुधवार, 28 नवंबर 2012
महानायक क्रांतिसुर्य राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिराव फुले के महापरिनिर्वाण दिवस (28 नवंबर 1890) पर उनकी स्मृति को विनम्र अभिवादन।
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1848 मे ही राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिराव फुले ने ब्रामणवाद के मजबूत किले मे सुरंग लगाकर उसे जर्जर करने का काम किया तब उनकी उम्र केवल 2...
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शुक्रवार, 6 अप्रैल 2012
आखिर क्या चाहते थे बाबासाहब ?
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जो लोग समझते है बाबासाहब के छायाचित्र लगाना, जगह जगह उनकी मुर्तिया प्रस्थापित करना, साल में तिन चार बार पूजा करना, जयंती उत्सव मनाना ही बाब...
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मंगलवार, 13 मार्च 2012
राजा में मानव और मानव में राजा लोकराजा राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज : भाग १
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महात्मा ज्योतिराव फुले से प्रेरणा लेकर ही राजश्री छत्रपति शाहू महाराज ने पुरानी प्रशासनिक कौंसिल को भंग कर अपने प्रत्यक्ष निरीक्षण मे र...
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शुक्रवार, 9 मार्च 2012
क्या भारत के मूलनिवासी वास्तव मे गुलाम है ?
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किसी भी व्यक्ति और समूह को गुलाम कब कहा जाता है यह वास्तव मे महत्व पुर्ण सवाल है ।कोई भी व्यक्ति या समूह जब पराजित हो जाता है, तब विजेता लोग...
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आखिर कौन है ये शिर्डी के 'साईबाबा' , 'स्वामी समर्थ' और शेँगाव के 'गजानन महाराज' ?
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ता 19 जुलै 1994 को संपादक दिपक तिलक ईनका सह्याद्री अंक मे दुसरा नानासाहब पेशवा ही साईबाबा है यह लेख प्रसिद्ध हूआ था लेखक अरुण ताम्हणकर ईनोने...
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एकबार शाहू महाराज ने कहा .....
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सुनो ! केलवकर हुआ यूँ कि मैं एकबार सतारा गया था । हमारे लिए ही भोजन का कार्यक्रम चल रहा था । भोजन ब्राह्मणी पद्धति का था । ब्राह्मण आचा...
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